रचनाएं


आओ गौरवगान लिखें जीवन के संज्ञान लिखें
हम सारे मूल्यों के परिणति के सरे सोपान लिखें
उनके अपमान लिखें जिन के  छांटें सोपान लिखें
ह्रदय आदि की व्यथा छोड़कर सारे अपमान लिखें

बदले हुए वक़्त में हम उस उम्र का ज्ञान लिखें
दलितों पिछड़ों की पीड़ा का मनभावन पाठ लिखें
एकलव्य की कथा पुरानी पर उसका संज्ञान लिखें
अंगूठे तो अब सही सलामत माथे का भान लिखें

मुल्ला लुल्ला माया और सभी की नियति व् नीति लिखें
अगड़े पिछड़े के थाव ठौर और दलितों की भी दशा लिखें
हसते गाते गौरव के आगे मोदी की कथा व् व्यथा लिखें
कठपुतली की भाँती हमारी सरकारें हैं इनकी दशा लिखें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें